लगभग निःशब्द एमआरआई ने चूहों के भोजन उठाते समय मस्तिष्क को देखा
SORDINO तकनीक छवियाँ लेते समय पैदा होने वाला शोर घटाती है और जागते जानवरों के मस्तिष्क संकेत दर्ज करती है। सिर स्थिर रहता है, लेकिन पंजे स्वतंत्र रहते हैं।
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एमआरआई का शोर और हिलने-डुलने से छवियों में आने वाली विकृतियाँ किसी जानवर के सक्रिय मस्तिष्क को देखना कठिन बनाती हैं। चैपल हिल स्थित नॉर्थ कैरोलाइना विश्वविद्यालय में येन-यू इयान शिह के नेतृत्व वाली टीम ने दोनों बाधाओं से निपटने के लिए कार्यात्मक चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग की डेटा-संग्रह प्रक्रिया बदली। SORDINO नाम की यह तकनीक 9 सितंबर को नेचर न्यूरोसाइंस में प्रस्तुत की गई। इसका परीक्षण 9.4 टेस्ला के प्रायोगिक उपकरण पर हुआ; टेस्ला चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता की इकाई है।
हर संकेत कहाँ से आया है, यह पता लगाने के लिए उपकरण स्थान के साथ चुंबकीय क्षेत्र में छोटे-छोटे अंतर पैदा करता है। इन अंतरों में अचानक बदलाव होने पर कॉइल कंपन करती हैं और शोर पैदा होता है। SORDINO इनकी कुल तीव्रता लगभग स्थिर रखता है और दिशा को लगातार, सहज ढंग से घुमाता है। बदलाव के दौरान ही डेटा एकत्र किया जाता है। टीम ने इसकी तुलना GRE-EPI नाम की पारंपरिक प्रक्रिया और लगभग तुरंत संकेत पढ़ना शुरू करने वाले विकल्प ZTE से की।
उपकरण के केंद्र से करीब तीन मीटर दूर माइक्रोफोन रखकर टीम ने मापा कि हर प्रक्रिया में ध्वनि-दाब का स्तर उपकरण की प्रतीक्षारत अवस्था के मुकाबले कितना बढ़ता है। चूहों की सुनने की आवृत्तियों में, प्रत्येक स्थिति के 1,210 रिकॉर्डिंग खंडों के आधार पर औसत अंतर SORDINO के साथ करीब 0.1 डेसीबल, ZTE के साथ 0.9 और पारंपरिक तकनीक के साथ 13.0 था। शीतलन प्रणाली चलती रहती है: लाभ छवियाँ लेने से जुड़ा अतिरिक्त शोर लगभग समाप्त करने में है, पूरी तरह निःशब्द वातावरण बनाने में नहीं।
जागते जानवरों के प्रेक्षण के लिए शोधकर्ताओं ने एक छोटी प्लेट बनाई, जो सिर को स्थिर रखती है और एमआरआई संकेत भेजने तथा प्राप्त करने वाले एंटीना का काम भी करती है। शरीर और पंजे स्वतंत्र रहते हैं। पाँच दिन अभ्यस्त होने के बाद 25 चूहों में प्रत्येक का 30 मिनट तक परीक्षण किया गया। हर दो सेकंड में एक त्रिआयामी छवि मिली, जिसके आयतन-तत्व की हर भुजा 0.4 मिलीमीटर थी। अलग-अलग क्षेत्रों में साझा संकेत-उतार-चढ़ाव के विश्लेषण ने मस्तिष्क के कार्यात्मक संगठन के ज्ञात स्वरूपों को फिर से पहचाना।
एक अलग प्रयोग में चार चूहों ने हर 20 सेकंड पर सामने रखे जाने वाले भोजन के छोटे टुकड़े को पंजा बढ़ाकर पकड़ना सीखा। हवा से चलने वाला उपकरण स्कैनर के भीतर भोजन को जानवर की पहुँच में रखता था। विश्लेषण में 24 सत्र शामिल थे, जिनमें प्रति सत्र 75 से 100 बार भोजन पकड़ा गया। क्रिया के दौरान और बाद के संकेतों की तुलना भोजन सामने रखे जाने से पहले के कुछ सेकंड से की गई। पूरे काम के दौरान सिर स्थिर रहा।
मानचित्रों में शुरुआत में इस्तेमाल किए जा रहे पंजे के विपरीत तरफ की मोटर कॉर्टेक्स में संकेत बढ़ा। उसी समय कॉर्टेक्स के पीछे और मध्य की ओर स्थित रेट्रोस्प्लेनियल क्षेत्र में संकेत घटा। अगले कुछ सेकंड में दोनों गोलार्धों के संवेदी और मोटर क्षेत्रों, थैलेमस तथा सेरिबेलम में संकेत बढ़े और फिर आधार स्तर पर लौट आए। एमआरआई न्यूरॉन की गतिविधि से जुड़े रक्त और ऊतकों की ऑक्सीजन स्थिति में बदलावों को देखती है। इसलिए छवियों का यह क्रम एक कोशिका से दूसरी कोशिका तक जाते विद्युत आवेगों की सीधी फिल्म नहीं है।
यह प्रगति कम शोर वाले डेटा-संग्रह वातावरण को एक समन्वित क्रिया के दौरान कई मस्तिष्क क्षेत्रों को देखने की क्षमता से जोड़ती है। व्यवहार का अध्ययन करने वालों के लिए इससे उन कार्यों की सूची बढ़ती है जिन्हें बिना बेहोश किए और पूरे मस्तिष्क को देखते हुए जाँचा जा सकता है। अगली चुनौती इस संभावना को आजमाना और यह तय करना है कि दूसरे उपकरणों तथा परिस्थितियों में सटीकता और संवेदनशीलता कितनी बनी रहती है।
मुख्य बिंदु
- SORDINO संकेतों का स्थान पहचानने के लिए किए जाने वाले बदलावों को सहज बनाकर डेटा-संग्रह का शोर घटाता है।
- चार चूहों के 24 सत्रों से भोजन पकड़ने के काम के दौरान मस्तिष्क संकेतों का मानचित्र बन सका।
- तकनीक रक्त और ऑक्सीजन की स्थिति से जुड़ी प्रतिक्रियाएँ मापती है; मनुष्यों में इसका उपयोग अभी प्रदर्शित नहीं हुआ है।

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