एक-दूसरे के सापेक्ष घुमाई गई दो धातु झिल्लियों में विद्युत ध्रुवण के भँवर
स्ट्रॉन्शियम रूथेनेट की झिल्लियों में परमाणुओं के खिसकने से जुड़े ध्रुवण और विकृति के पैटर्न दिखे; चुंबकीय क्रम भी मौजूद था।
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जब दो क्रिस्टलीय चादरों को थोड़ा घुमाकर एक-दूसरे पर रखा जाता है, उनके परमाणु हर जगह एक समान नहीं मिलते। Yingzhuo Lun, Xinxin Hu, Qi Ren और सहकर्मियों ने इसी व्यवस्था में धात्विक स्ट्रॉन्शियम रूथेनेट की झिल्लियों के भीतर विद्युत ध्रुवण के भँवर देखे। पदार्थ का रासायनिक सूत्र SrRuO₃ है। यहाँ ध्रुवण का अर्थ संरचना में धन और ऋण आवेशों की स्थिति का सापेक्ष खिसकना है; भँवर वह स्थानिक पैटर्न है जिसमें खिसकाव की स्थानीय दिशाएँ घूमती हैं। अध्ययन नेचर मटीरियल्स में प्रकाशित हुआ।
दल ने दो पतली झिल्लियों को अलग-अलग घुमाव कोणों पर रखा। थोड़ा घूमे हुए परमाणु-जालों के ऊपर आने से एक बड़ा दोहराता पैटर्न बनता है, जिसे मोआरे पैटर्न कहते हैं। इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी से शोधकर्ताओं ने परमाणुओं का खिसकाव मापा और विकृति का मानचित्र बनाया। उन्होंने चुंबकीय गुण और विद्युत प्रवाह का व्यवहार भी मापा। घनत्व कार्यात्मक सिद्धांत नाम की गणना-विधि से इलेक्ट्रॉनों के व्यवहार का अनुमान लगाकर परिणाम समझने में मदद ली।
मानचित्रों में द्विध्रुवीय भँवर मिले—स्थानीय आवेश-विभाजन की दिशा के घूमते पैटर्न। वे कतरनी विकृति की ढाल से जुड़े थे जो मोआरे पैटर्न के साथ दोहराती है। कतरनी में पड़ोसी हिस्से आपस में सरकते हैं और ढाल का अर्थ है स्थान के साथ विकृति का बदलना। ऐसी बदलती विकृति से ध्रुवण पैदा होना फ्लेक्सोइलेक्ट्रिसिटी कहलाता है। पैटर्न की तीव्रता घुमाव कोण और दोनों परतों के जोड़ से दूरी पर निर्भर थी। जिस तापमान के नीचे पदार्थ में स्थायी चुंबकीय क्रम बनता है, उससे नीचे लौहचुंबकत्व और द्विध्रुवीय क्रम साथ दिखाई दिए; कोण के साथ उनकी तीव्रताएँ विपरीत दिशाओं में बदलीं, जिसे दल संभावित प्रतिस्पर्धा मानता है।
धातुओं में चलायमान आवेश सामान्यतः सुव्यवस्थित विद्युत पैटर्न को टिकने नहीं देते, इसलिए यह परिणाम उल्लेखनीय है। भागीदार संस्था कैटलन इंस्टीट्यूट ऑफ नैनोसाइंस एंड नैनोटेक्नोलॉजी की रिपोर्ट Chema Arcos ने लिखी। उस रिपोर्ट और शोधपत्र में प्रयोगशाला की झिल्लियों के माप हैं; तैयार इलेक्ट्रॉनिक स्मृति या उपकरण में बार-बार नियंत्रित किया जा सकने वाला असर नहीं दिखाया गया।
साक्ष्य दिखाता है कि घुमाव एक लौहचुंबकीय धातु में ध्रुवण के भँवर व्यवस्थित कर सकता है। यह किसी एक सूक्ष्म कारण या उपयोगी तकनीक का अंतिम प्रमाण नहीं है। कोण और विकृति को अलग-अलग नियंत्रित करके पैटर्न के टिकाऊपन और उलटने की क्षमता जाँचना निर्णायक अगला कदम होगा।
मुख्य बिंदु
- घुमाकर रखी दो धातु झिल्लियों में स्थानीय ध्रुवण के भँवर देखे गए।
- पैटर्न की तीव्रता कोण और दोनों परतों के जोड़ से दूरी के साथ बदली।
- भँवर के साथ लौहचुंबकत्व था, लेकिन काम करने वाला उपकरण नहीं दिखाया गया।

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