बुध की कम सिलिका अधिक गर्म आंतरिक इतिहास की ओर इशारा कर सकती है
नई अवरक्त अंशांकन विधि बुध की सतह पर लगभग 37% SiO2 का अनुमान देती है, लेकिन यह मान केवल एक समेकित डिस्क स्पेक्ट्रम पर आधारित है और बेपीकोलंबो से इसकी जाँच बाकी है।
अवलोकन — शोधकर्ताओं ने 0.5% से 97.6% सिलिकॉन डाइऑक्साइड वाले कृत्रिम काँच बनाए और उनके मध्य-अवरक्त उत्सर्जन को मापा। क्रिश्चियनसन फीचर नामक संकेत की स्थिति SiO2 की मात्रा के साथ मजबूती से बदली; द्विघात फिट का R² 0.957 रहा और द्रव्यमान के हिसाब से अनुमानित अनिश्चितता ±3.4 प्रतिशत अंक थी। यह संबंध नियंत्रित प्रयोगशाला नमूनों से निकला है।
अवलोकन — बुध पर लागू करने से पहले टीम ने चंद्रमा की कक्षा में मौजूद Diviner उपकरण के आँकड़ों पर संबंध को परखा और पृथ्वी पर लौटाए गए चंद्र नमूनों से तुलना की। अंशांकन ने अपेक्षित विभाजन वापस पाया: चंद्र मारिया में औसत 45.8% SiO2 और उच्चभूमि में 50.9%, जबकि स्थानीय सिलिका-समृद्ध क्षेत्र लगभग 76% तक पहुँचे। यह जाँच विधि को आधार देती है, पर सभी खनिजीय अंतर नहीं मिटाती।
अवलोकन — बुध के पूरे डिस्क के लिए प्रकाशित एकमात्र क्रिश्चियनसन-फीचर मान, लगभग 8.5 माइक्रोमीटर, पर अंशांकन लगाने से लेखकों ने 37.4% SiO2 का अनुमान पाया। यह पहले के 49% से 60% अनुमानों से कम है, लेकिन यह नमूना विश्लेषण या वैश्विक नक्शा नहीं है; यह केवल एक समेकित दूरबीन मापन का रासायनिक मात्रा में रूपांतरण है।
निष्कर्ष — यदि अनुमान सही है, तो कम सिलिका वाली सतह मेंटल में अधिक गहराई पर अधिक व्यापक पिघलाव के अनुरूप होगी और इस प्रकार पर्पटी बनते समय अधिक गर्म आंतरिक भाग का संकेत देगी। यह व्याख्या पिघलाव और विभेदन के मॉडलों से आती है; यह सीधे मापा गया तापमान नहीं है और अपने आप किसी एक ज्वालामुखीय प्रक्रिया को निश्चित नहीं करती।
परिकल्पना और सीमा — लेखक एक दूसरा कारण भी देखते हैं: बुध ने ऑक्सीजन खोई हो सकती है, जिससे कुछ सिलिकॉन मापे जा सकने वाले सिलिकेटों के बजाय धातु या कार्बाइड अवस्थाओं में रह गया। खनिज संरचना, कण का आकार और तापीय वातावरण स्पेक्ट्रम को खिसका सकते हैं। बेपीकोलंबो का MERTIS इमेजिंग स्पेक्ट्रोमीटर वैश्विक अवलोकनों से इस विस्तार की जाँच कर सकेगा।
जिम्मेदार अटकल — यदि भविष्य के नक्शे कम मात्रा की पुष्टि करते हैं, तो बुध के तापीय और ज्वालामुखीय इतिहास में पहले के अनुमानों से अधिक चरम दशाएँ शामिल करनी होंगी। यह अंशांकन अन्य वायुरहित पथरीली दुनियाओं के दूरस्थ अध्ययन में भी सहायक हो सकता है, लेकिन वर्तमान परिणाम केवल एक परीक्षण शुरू करता है; यह बुध की पर्पटी की संरचना पर वैज्ञानिक प्रश्न समाप्त नहीं करता।
मुख्य बिंदु
- नई विधि मध्य-अवरक्त संकेत को SiO2 की मात्रा से जोड़ती है और अनिश्चितता को स्पष्ट करती है।
- बुध के लिए 37.4% का अनुमान पुराने मानों से कम है, पर केवल एक समेकित स्पेक्ट्रम से आया है।
- अधिक गर्म और गहरी पर्पटी-निर्माण परिकल्पना की जाँच में बेपीकोलंबो के नक्शे निर्णायक होंगे।