याद दृश्य को पहचान सकती है, फिर भी विवरण बदल सकती है

18 से 74 वर्ष के वयस्कों पर अध्ययन संकेत देता है कि मध्य आयु में हिप्पोकैम्पस अनुभवों को जोड़ने का तरीका बदल सकता है।

Esquema do experimento que associou rostos a objetos e cenas para testar a memória
चित्र: Destaw B. Mekbib e Ian McDonough / Cerebral Cortex — CC BY-NC 4.0
SUPER SCI-Z संपादकीय विश्लेषण

आप किसी चेहरे को पहचानते हैं और जानते हैं कि उसे पहले देखा है, फिर भी उसे गलत जगह से जोड़ देते हैं। बिंघमटन विश्वविद्यालय के Destaw B. Mekbib और Ian McDonough ने इसी रोज़मर्रा की भूल को प्रयोग बनाया। रिपोर्टर David Hermanovitch ने विश्वविद्यालय की समाचार वेबसाइट Binghamton News में इस काम का मूल समाचार विवरण लिखा।

टीम ने 18 से 74 वर्ष के लगभग 60 वयस्कों का परीक्षण किया। प्रतिभागियों ने चेहरे को किसी वस्तु या दृश्य से जोड़कर सीखा और पाँच मिनट बाद फंक्शनल मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग के दौरान सही जोड़ी चुनी; यह तकनीक रक्त प्रवाह में बदलाव से मस्तिष्क गतिविधि का अनुमान लगाती है। ध्यान हिप्पोकैम्पस पर था, जो घटना को उसके संदर्भ से जोड़ने वाली मस्तिष्क संरचना है।

मुख्य परिणाम यह था कि बीस और तीस की उम्र वाले लोगों से पचास की उम्र वाले समूह तक स्मृति की सटीकता साफ़ घटी। उम्र बढ़ने पर जोड़ने की गलतियाँ बढ़ीं: व्यक्ति तत्वों को पहचानता था, लेकिन चेहरे को गलत वस्तु या दृश्य से मिला देता था। यह केवल भूलना नहीं है; परिचित होने का भाव बचा रहता है, पर पूरे प्रसंग की सही कड़ी कमजोर हो जाती है।

मस्तिष्क चित्रण ने उलटा लगने वाला परिणाम दिया। युवा वयस्कों में गलती तब हुई जब मूल गतिविधि का पैटर्न ठीक से दोबारा सक्रिय नहीं हुआ। अधिक उम्र वालों में हिप्पोकैम्पस की तेज़ पुनःसक्रियता के साथ भी गलत उत्तर आ सकता था, मानो मस्तिष्क ने वस्तु या दृश्य की सामान्य श्रेणी तो सही पाई, पर गलत जोड़ी बनाई। लेखक इसे श्रेणी-स्तरीय गलत बंधन कहते हैं।

अध्ययन छोटा और क्रॉस-सेक्शनल है, यानी उसने अलग उम्र के लोगों की एक ही समय पर तुलना की, वर्षों तक उन्हीं व्यक्तियों का पीछा नहीं किया। इसलिए यह न तो सबके लिए समान रास्ता साबित करता है, न रोग का निदान करता है। Frontiers in Aging Neuroscience में Selene Cansino की समीक्षा भी बताती है कि उम्र के साथ स्मरण नेटवर्क के बदलाव कार्य और मस्तिष्क क्षेत्र पर निर्भर होते हैं।

समर्थित निष्कर्ष “याददाश्त जल्दी खराब हो जाती है” से अधिक सीमित है। मध्य आयु तक घटनात्मक संबंधों की सटीकता घट सकती है और हिप्पोकैम्पस का अधिक सक्रिय होना हमेशा सही याद का संकेत नहीं है। कारण, अनिवार्यता या उपचार सिद्ध नहीं हुए; निर्णायक अगला कदम उन्हीं लोगों का कई वर्षों तक अध्ययन करना है।

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मुख्य बिंदु

  • प्रयोग में 18 से 74 वर्ष के लगभग 60 वयस्क शामिल हुए।
  • मध्य आयु में परिचय बचा रहा, पर चेहरा और संदर्भ जोड़ने की गलतियाँ बढ़ीं।
  • यह क्रॉस-सेक्शनल संबंध है; रोग या अनिवार्य गिरावट का प्रमाण नहीं।
मुख्य स्रोतBinghamton News