इंडोनेशिया में जमीन के नीचे की आग धुएँ का संकट लंबा खींच रही है
सितंबर की तस्वीरें और 14 सितंबर का मौसम बुलेटिन जारी आग दिखाते हैं। सूखा पीट ऐसी धीमी आग को बनाए रखता है जिसे बुझाना कठिन है और जो हमेशा उपग्रहों को दिखाई नहीं देती।

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इंडोनेशिया के कुछ हिस्सों पर छाए धुएँ का स्रोत सिर्फ पेड़ों के ऊपर दिखती लपटें नहीं हैं। पीट वाले क्षेत्रों में जमा जैविक पदार्थ से भरपूर मिट्टी खुद सतह के नीचे जलती रह सकती है। Terra उपग्रह ने 14 सितंबर को एक तस्वीर ली, जिसे अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अगले दिन जारी किया; इसमें बोर्नियो के ऊपर धुएँ की धाराएँ दिखती हैं। इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी, जिसे BMKG कहा जाता है, का 14 सितंबर का बुलेटिन भी द्वीपसमूह के कई क्षेत्रों में धुआँ बने रहने की पुष्टि करता है।
Terra की तस्वीर में MODIS उपकरण—स्पेक्ट्रम के विभिन्न बैंडों में विकिरण दर्ज करने वाला सेंसर—सतह के दृश्य के साथ गर्म बिंदुओं के निशान दिखाता है। इंडोनेशियाई बुलेटिन एक और अवलोकन जोड़ता है: 14 सितंबर को पश्चिमी इंडोनेशियाई समयानुसार सुबह 8 बजे Himawari-9 उपग्रह की तस्वीरों में सुमात्रा, कालिमंतान, मालुकु और पापुआ के कुछ हिस्सों में धुआँ दिखा। ये अलग उपग्रहों के रिकॉर्ड हैं, जिनका समय और कवरेज अपना है; वे समस्या के फैलाव पर नजर रखने में मदद करते हैं।
मौसम की परिस्थितियाँ आग बने रहने में सहायक हैं। BMKG के अनुसार सितंबर के पहले दस दिनों तक निगरानी वाले लगभग 81% मौसमी जलवायु क्षेत्र शुष्क ऋतु में थे। यह अनुपात एजेंसी के निर्धारित क्षेत्रों का है, देश के 81% भूभाग का नहीं। बुलेटिन में 1,637 अवलोकन बिंदुओं पर लगातार 60 दिनों से अधिक समय तक बारिश न होने का रिकॉर्ड भी था। एजेंसी बढ़ते सूखेपन को बहुत मजबूत एल नीनो से जोड़ती है: उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के एक हिस्से का गर्म होना वायुमंडलीय परिसंचरण बदलता है और प्रायः इंडोनेशिया के कुछ हिस्सों में वर्षा घटाता है।
पीट इस स्थिति को नियंत्रित करना विशेष रूप से कठिन बनाता है। यह पौधों के उन अवशेषों से बनता है जो सामान्यतः पानी भरे वातावरण में जमा होते हैं, जहाँ विघटन धीमा रहता है। सूखने पर यही पदार्थ ईंधन बन जाता है और धीरे-धीरे सुलगती आग को बनाए रखता है, जो जमीन के नीचे बढ़ सकती है। भंडार को नम रखने वाला पानी पहले जैसी सुरक्षा नहीं दे पाता। NASA के 3 सितंबर के विश्लेषण में मैरीलैंड विश्वविद्यालय के पारिस्थितिकीविद Mark Cochrane ने वर्तमान संवेदनशीलता को खेती के लिए आर्द्रभूमियों से ऐतिहासिक रूप से पानी निकालने से भी जोड़ा। सूखा पहले से बदले हुए भू-दृश्य की समस्या बढ़ाता है।
निगरानी में आँकड़ों का अर्थ सावधानी से समझना जरूरी है। गर्म बिंदु तस्वीर के एक पिक्सेल में आग के अनुरूप विकिरण की पहचान है; वह जरूरी नहीं कि एक पूरी आग हो। एक ही आग से कई बिंदु दर्ज हो सकते हैं। उलटी ओर, घना धुआँ, बादल, वनस्पति और भूमिगत दहन सेंसर से आग छिपा सकते हैं। इसलिए सिर्फ दर्ज गर्म बिंदुओं की संख्या घटने से सुधार साबित नहीं होता। NASA का विश्लेषण बताता है कि सबसे अधिक धुएँ वाले दौर इसी तरीके से अंतरिक्ष से देखने में सबसे कठिन भी हो सकते हैं।
रिकॉर्ड वायु गुणवत्ता, दृश्यता और परिवहन को प्रभावित करने वाले जारी संकट की पुष्टि करते हैं, लेकिन जमीन के नीचे अब भी जल रहे पूरे क्षेत्र का अनुमान नहीं देते। BMKG यह भी बताता है कि शुष्क ऋतु में स्थानीय बारिश संभव है; इससे पूरे द्वीपसमूह में समान राहत की गारंटी नहीं मिलती। संकट की निगरानी के लिए गर्मी की पहचान, धुएँ की तस्वीरें, मौसम की स्थितियाँ और जमीनी अवलोकन जोड़ने होंगे। चुनौती उस ईंधन को बुझाने की है जो दिखाई देने वाली लपटों के गायब होने पर भी सक्रिय रह सकता है।
मुख्य बिंदु
- 14 सितंबर की Terra तस्वीर और Himawari-9 के अवलोकन इंडोनेशिया के क्षेत्रों में धुआँ बने रहने को दिखाते हैं।
- सूखे पीट में आग जमीन के नीचे फैल सकती है; सूखा और आर्द्रभूमि से पानी निकालना संवेदनशीलता बढ़ाते हैं।
- गर्म बिंदु उपग्रह की पहचान हैं, आग की घटनाओं या भूमिगत जलते क्षेत्र की सीधी गिनती नहीं।

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