21 तारों की धूल टक्करों के दो इतिहास क्यों सुझाती है
वेब के प्रेक्षणों और स्पिट्ज़र के आँकड़ों ने खनिज संरचना के आधार पर अत्यधिक धूल वाली मलबा-चकतियों को अलग किया। इन निशानों से चट्टानी ग्रहों के निर्माण के चरणों का पता चल सकता है।

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जब किसी दूसरी तारकीय प्रणाली के युवा पिंडों की टक्कर बहुत पहले खत्म हो चुकी हो, तो कैसे पता चले कि उनके बीच कैसी भिड़ंत हुई थी? Space Science Institute की केट सु और सहयोगियों ने तारों के आसपास बची गर्म धूल में निशान खोजे। 21 अत्यधिक धूल वाली मलबा-चकतियों में 8 में सिलिका अधिक और 13 में कम मिली। The Astrophysical Journal में प्रकाशित और 1 अक्टूबर को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के वेब मिशन की संचार टीम द्वारा, किसी व्यक्तिगत रिपोर्टर का नाम दिए बिना, प्रस्तुत व्याख्या इन समूहों को अलग-अलग टक्कर परिदृश्यों से जोड़ती है।
मलबा-चकती ग्रह निर्माण के शुरुआती चरण के बाद किसी तारे की परिक्रमा करने वाले छोटे टुकड़ों का समूह है। कुछ में इतनी गर्म धूल होती है और उनकी चमक इतनी बदलती है कि उन्हें अत्यधिक धूल वाली चकतियाँ कहा जाता है। यह धूल आँखों से अदृश्य अवरक्त प्रकाश छोड़ती है, जिसका पैटर्न खनिज और कणों की अवस्था के साथ बदलता है। तस्वीर में पूरा ग्रह खोजने के बजाय टीम ने वर्णक्रमीय पहचान जाँची: अलग-अलग तरंगदैर्घ्यों पर मापे गए प्रकाश की तीव्रता।
नमूने में स्पिट्ज़र स्पेस टेलीस्कोप के अभिलेख की 5 प्रणालियाँ और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप द्वारा देखी गई 16 प्रणालियाँ शामिल थीं। वेब की 16 में से 12 के नए प्रेक्षण थे और 4 में स्पिट्ज़र के लक्ष्य फिर देखे गए। विश्लेषण में एक माइक्रोमीटर—मिलीमीटर का एक हज़ारवाँ हिस्सा—से छोटे कई कण, गर्म धूल और चमक में अनियमित उतार-चढ़ाव मिले। यह संयोजन इन चकतियों को ग्रह निर्माण के शुरुआती दौर की अभी भी गैस-समृद्ध चकतियों और अधिक सामान्य मलबा-चकतियों से अलग पहचानने में मदद करता है।
सरल शब्दों में, टक्कर की गर्मी और तीव्रता टुकड़ों में मौजूद खनिज बदल सकती है। कुछ काँच और चट्टानों में पाई जाने वाली सिलिका 8 चकतियों में प्रमुख थी। टीम के मॉडल इन निशानों को लगभग मंगल के आकार के पिंडों की उच्च ऊर्जा वाली टक्करों से जोड़ते हैं, जो चट्टान वाष्पित कर सकती थीं। बाकी 13 में सिलिका की कम मात्रा लगभग चंद्रमा के आकार के पिंडों की कम तीव्रता वाली या छूकर निकल जाने वाली टक्करों से मेल खाती है। दूरबीनों ने धूल से आने वाला प्रकाश मापा; टक्कर के प्रस्तावित प्रकार और पिंडों के आकार व्याख्याएँ हैं, सीधे मापे गए टकराते पिंड नहीं।
तारों की आयु एक और सुराग देती है। सिलिका-समृद्ध सभी 8 चकतियाँ 30 करोड़ वर्ष से कम उम्र की प्रणालियों में थीं; सिलिका-कम चकतियाँ अधिक उम्र में भी मिलीं और उनकी चमक अक्सर ज्यादा बदलती थी। खनिज निशान जाँचने में मदद कर सकते हैं कि बड़ी टक्करें चट्टानी ग्रहों के निर्माण में कब भाग लेती हैं और परिपक्व प्रणालियों को कब तक बदलती रहती हैं। साक्ष्य पृथ्वी के विशेष इतिहास का पुनर्निर्माण नहीं करते और न दिखाते हैं कि हर प्रणाली दोनों चरणों से गुजरती है। अधिक पुरानी प्रणालियों का बड़ा नमूना और धूल के बार-बार प्रेक्षण बताएँगे कि आयु का यह पैटर्न कायम रहता है या नहीं।
मुख्य बिंदु
- टीम ने 21 अत्यधिक धूल वाली मलबा-चकतियों का अध्ययन किया; 8 में सिलिका अधिक और 13 में कम मिली।
- धूल का अवरक्त प्रकाश खनिजों का संकेत देता है, जबकि प्रस्तावित टक्करें अनुमान हैं।
- तारों की आयु से संबंध जाँचने के लिए अधिक पुरानी प्रणालियों का अध्ययन जरूरी है।

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