Science to Supersize Understanding

चंद्रमा पर 2024 में बने गड्ढे के आसपास करीब 6 किलोमीटर चौड़ा ठंडा क्षेत्र

पहले और बाद की तस्वीरों से टक्कर का समय तय हुआ; कक्षा से मापे गए आसपास के इलाके रात में अधिक ठंडे हैं, हालांकि टक्कर सीधे नहीं देखी गई थी।

Imagem orbital em preto e branco da cratera McGetchin, com depressão escura, borda clara e raios de detritos na superfície lunar.
चित्र: NASA Goddard/Intuitive Machines; câmera LRO, 5/12/2025. Uso editorial conforme diretrizes da NASA.

Leitura autorizada · 3 crédito(s) restante(s)

SUPER SCI-Z संपादकीय विश्लेषण

मैकगेटचिन नाम का चंद्र गड्ढा 222 मीटर चौड़ा है, पर उसका तापीय प्रभाव कई किलोमीटर तक फैला है। नासा के चंद्र परिक्रमा यान की तस्वीरें बताती हैं कि यह 11 अप्रैल से 22 मई 2024 के बीच बना। बाद के माप में इसके आसपास लगभग 6.4 किलोमीटर चौड़ा क्षेत्र रात में पड़ोसी जमीन से करीब 9 °C अधिक ठंडा मिला। टक्कर घटते समय नहीं देखी गई थी; उसका समय पहले और बाद की तस्वीरें मिलाकर निकाला गया है।

रॉबर्ट वैगनर ने अक्टूबर 2025 में लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (LRO) के वाइड-एंगल कैमरे के नक्शों को एक-दूसरे पर रखकर यह बदलाव पहचाना। यह यान 2009 से चंद्रमा का अवलोकन कर रहा है। पुरानी और नई तस्वीरों को मिलाने से बदला हुआ हिस्सा उभरा; अधिक स्पष्ट नैरो-एंगल तस्वीरों ने गड्ढे और चारों ओर किरणों की तरह फैले मलबे की पुष्टि की। गड्ढा 43 मीटर गहरा है। शुरुआती नक्शे का चमकीला धब्बा मुख्यतः उछला हुआ पदार्थ था, पूरा गड्ढा नहीं।

सितंबर 2026 में Science Advances में आए दो अध्ययन उसी टक्कर के अलग पहलुओं को देखते हैं। एक तस्वीरों से गड्ढे की बनावट और मलबे के फैलाव को बताता है; दूसरा डिवाइनर उपकरण से प्रभावित इलाके का रात्रिकालीन तापमान पास की जमीन और पुराने तापीय नक्शों से तुलना करता है। नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच किए गए बाद के अवलोकनों ने ठंडे क्षेत्र की सीमा दिखाई।

ठंडक की प्रस्तावित वजह यह नहीं कि टक्कर ने चंद्रमा को हमेशा के लिए ठंडा कर दिया। उसने रेगोलिथ — सतह की धूल और टूटी चट्टानों की परत — को उलट-पुलटकर कुछ हिस्से को कम सघन बना दिया। ऐसा पदार्थ गर्मी को अलग तरह से जमा और संचालित करता है और चंद्र रात में ज्यादा ठंडा हो जाता है। यह तापमान के पैटर्न से समर्थित भौतिक निष्कर्ष है, वहां से लिया गया मिट्टी का नमूना नहीं। बदला हुआ क्षेत्र 222 मीटर के गड्ढे से बहुत बड़ा है।

इतने बड़े गड्ढे बनाने वाली टक्करें दुर्लभ हैं: नासा का अनुमान इनका अंतराल लगभग एक सदी या उससे अधिक है, न कि अगली टक्कर की तय तारीख। सितंबर की वैज्ञानिक खबर पुराने हादसे का लगातार ली गई कक्षीय तस्वीरों से विश्लेषण है। भविष्य के चंद्र अभियानों को इससे यह माप मिलता है कि टक्कर दिखाई देने वाले किनारे के बाहर कितनी दूर तक जमीन बदल सकती है; खास जगहों पर वाहनों और संरचनाओं का जोखिम अभी अलग से आंकना होगा।

03

मुख्य बिंदु

  • 222 मीटर का गड्ढा अप्रैल से मई 2024 के बीच बना; टक्कर सीधे नहीं देखी गई थी।
  • रात में आसपास का लगभग 6.4 किलोमीटर चौड़ा इलाका पड़ोसी जमीन से करीब 9 °C ठंडा मिला।
  • तापीय बदलाव कम सघन, उलट-पुलट हुई मिट्टी का संकेत देता है, लेकिन भविष्य के ठिकानों का जोखिम खुद नहीं बताता।
मुख्य स्रोतNASA

टिप्पणियाँ

अभी कोई प्रकाशित टिप्पणी नहीं है।

टिप्पणी के लिए सदस्यता खाते से प्रवेश करें।