अनाक क्राकाटाउ के विस्फोटों की लय बदली, चेतावनी कायम
11 सितंबर के आकलन में लगभग 25 घंटे के लगातार उद्गार के बाद रुक-रुककर विस्फोट दर्ज हुए; उपग्रह गैसों और राख का फैलाव दिखाते हैं।

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लगातार उद्गार का खत्म होना जरूरी नहीं कि ज्वालामुखी की सक्रियता का अंत हो। जावा और सुमात्रा के बीच स्थित अनाक क्राकाटाउ में सवाल यह बन गया कि विस्फोटों की बदलती लय को कैसे समझा जाए। इंडोनेशियाई अधिकारियों ने 11 सितंबर 2026 को पश्चिमी इंडोनेशिया समय (UTC+7) सुबह 6 बजे तक के आकलन में चेतावनी स्तर III, जिसे Siaga कहा जाता है, बनाए रखा।
इस बदलाव पर नजर रखने के लिए इंडोनेशिया की भूवैज्ञानिक एजेंसी ने दृश्य प्रेक्षणों और निगरानी उपकरणों के रिकॉर्ड को एक साथ देखा। 4 से 6 सितंबर का लगातार उद्गार लगभग 25 घंटे चला। उसके बाद आकलन के समय तक एजेंसी ने 14 स्ट्रॉम्बोलियन उद्गार गिने। ये मैग्मा से गैस निकलने से जुड़े रुक-रुककर होने वाले विस्फोट हैं, जो राख और तपते हुए टुकड़े उछाल सकते हैं।
भूकंपीय निगरानी में सतह के पास और गहराई में अलग संकेत मिले। सतह के पास की सक्रियता से जुड़े कुछ प्रकार के कंपन उतार-चढ़ाव के साथ घटने की प्रवृत्ति दिखा रहे थे, जबकि ज्वालामुखीय भूकंप इस ज्वालामुखी में दर्ज औसत पैटर्न की तुलना में बढ़े। एजेंसी गहरी घटनाओं की वृद्धि को गहराई में मैग्मा की गति या आपूर्ति का संकेत मानती है। यह व्याख्या समझने में मदद करती है कि सतही सक्रियता कम होने पर भी चेतावनी क्यों नहीं हटाई गई।
कक्षा से किए गए प्रेक्षण ने इस घटना का एक और पहलू दर्ज किया। Landsat 8 उपग्रह ने 5 सितंबर को जो तस्वीर ली और NASA ने 9 सितंबर को जारी की, उसमें राख के विशाल भूरे बादल के ऊपर ज्वालामुखीय गैसों की सफेद धारा दिखाई देती है। 5 सितंबर को ही Suomi NPP उपग्रह के एक सेंसर ने अधिक बड़े क्षेत्र में फैलाव दर्ज किया। तस्वीरें वायुमंडल तक पहुँचे पदार्थ को दिखाती हैं; ये ज्वालामुखी के अंदर के मैग्मा की तस्वीरें नहीं हैं।
इंडोनेशिया की मौसम एजेंसी BMKG ने 6 सितंबर को उपग्रह से राख के वितरण का विश्लेषण किया। ऊँचाई और हवाओं के अनुसार पदार्थ अलग-अलग दिशाओं में फैल रहा था और हवाई क्षेत्र को प्रभावित कर रहा था। इसलिए उड़ान मार्गों के आकलन में राख की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है, केवल क्रेटर में विस्फोटों की लय पर नहीं। NASA ने बताया कि 8 सितंबर तक हवाई परिचालन फिर शुरू हो चुका था; परिचालन बहाल होना ज्वालामुखी के निष्क्रिय होने के बराबर नहीं था।
इस तरह रिकॉर्ड उद्गार के ढंग में बदलाव दिखाते हैं, निष्क्रियता की ओर प्रमाणित बदलाव नहीं। 11 सितंबर के आकलन में आधिकारिक सलाह सक्रिय क्रेटर से 3 किलोमीटर के दायरे में न जाने की बनी रही। निवासियों, नाविकों और अधिकारियों के लिए निगरानी में दो समस्याएँ जुड़ी हैं: स्रोत पर सक्रियता और राख का परिवहन। अनाक क्राकाटाउ के आगे के व्यवहार को समझने के लिए नए प्रेक्षण चाहिए; उसे एक तस्वीर से नहीं निकाला जा सकता।
मुख्य बिंदु
- 11 सितंबर के आकलन में एजेंसी ने लगातार उद्गार के चरण के बाद 14 स्ट्रॉम्बोलियन विस्फोट दर्ज किए।
- गहरे भूकंपीय संकेत और कम सतही सक्रियता ज्वालामुखी की स्थिति के समान माप नहीं हैं।
- स्तर III और 3 किलोमीटर की प्रतिबंधित त्रिज्या कायम रही; राख के फैलाव की अलग निगरानी जरूरी है।

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